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EOU Raid: सीवान के उत्पाद निरीक्षक अंकेश गोंड पर ईओयू की बड़ी कार्रवाई, आय से 201% अधिक संपत्ति का आरोप

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Alam Ki Khabar: बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने सीवान के उत्पाद निरीक्षक अंकेश गोंड के पटना, मुंगेर और सीवान स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में आय से 201 प्रतिशत अधिक संपत्ति, बैंक खाते, निवेश और कई अहम दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है।

पटना/सीवान, 10 जुलाई। आलम की खबर: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में सीवान में तैनात उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड उर्फ अंकेश राज गोंड के खिलाफ आय से 201 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की गई है। मामला दर्ज होने के बाद ईओयू की टीम ने पटना, मुंगेर और सीवान में स्थित पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति, बैंक खातों, बीमा निवेश, महंगी गाड़ियों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों से जुड़े कई अहम साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।

ईओयू के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अंकेश गोंड ने अपनी सेवा अवधि के दौरान तीन भूखंड और एक मकान खरीदा। मुंगेर में खरीदे गए मकान और व्यावसायिक भूखंड पर लगभग 1.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस खरीद के लिए किसी बैंक से ऋण नहीं लिया गया, जिससे धन के स्रोत को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। फिलहाल इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

पटना के दानापुर स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान लगभग दो कट्ठा जमीन पर बना तीन मंजिला भवन भी जांच के दायरे में आया। करीब 7500 वर्गफुट में बने इस भवन की प्रारंभिक अनुमानित लागत लगभग 80 लाख रुपये आंकी गई है। हालांकि अंतिम तकनीकी मूल्यांकन अभी होना बाकी है। ईओयू का कहना है कि संपत्ति के वास्तविक मूल्य का आकलन जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।

तलाशी के दौरान जांच टीम को एलआईसी समेत विभिन्न बीमा कंपनियों की पांच पॉलिसियों के दस्तावेज मिले, जिनमें प्रतिवर्ष लगभग तीन लाख रुपये प्रीमियम जमा किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा स्वयं और परिवार के सदस्यों के नाम पर विभिन्न बैंकों में आठ खाते तथा पीपीएफ में लगभग 54 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है। जांच के दौरान एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी तलाशी अभी शेष है। संबंधित बैंक खातों को नियमानुसार फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है।

जांच में कई महंगी गाड़ियों का भी उल्लेख किया गया है। दस्तावेजों के अनुसार एक इनोवा क्रिस्टा, टाटा अल्ट्रोज, चार मोटरसाइकिल तथा अन्य वाहन जांच के दायरे में हैं। ईओयू का यह भी दावा है कि कुछ वाहन रिश्तेदारों के नाम पर खरीदे गए और उनके उपयोग की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा उत्पाद विभाग की नीलामी से जुड़े कुछ वाहनों की खरीद की भी जांच की जा रही है।

ईओयू के अनुसार अंकेश गोंड पर लगभग 2.36 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। फिलहाल सभी जब्त दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश, अचल संपत्तियों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच जारी है। एजेंसी का कहना है कि बैंक लॉकर की जांच और संपत्तियों के अंतिम मूल्यांकन के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष जांच सबसे जरूरी

आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसियों की भूमिका तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सच सामने लाने की होती है। अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होता है। ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई से ही जनविश्वास मजबूत होता है।

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